Wednesday, February 12, 2020

द्वितीय विश्वयुद्ध के परिणाम कैसा था?

14 सितंबर 1939 को द्वितीय विश्वयुद्ध प्रारंभ हुआ और 14 अगस्त 1945 को इसका अंत हुआ इतना व्यापक युद्ध विश्व के इतिहास में पहले और आज तक नहीं लड़ा गया इस युद्ध के परिणाम अत्यंत भयंकर हुए जिसे आप नीचे पढ़ सकते हैं।
Second World War Results

1. जन-धन की हानि


द्वितीय विश्वयुद्ध में धन जन का कितना भीषण विनाश हुआ इसका ठीक-ठीक अनुमान अभी तक नहीं लगाया जा सका है लगभग एक लाख करो रुपए से अधिक धन का व्यय हुआ सबसे भयानक क्षति रूस की हुई ब्रिटेन में दो हजार करोड़ रुपए के मूल्य की संपत्ति का विनाश हुआ।

जर्मनी फ्रांस पोलैंड इत्यादि देशों की राष्ट्रीय संपत्ति के विनाश का कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता दोनों पक्षों के 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए अनेक देशों के आर्थिक एवं भौतिक संसाधनों की भी भारी क्षति हुई कई प्राचीन नगर पूरी तरह बर्बाद हो गए।

2. औपनिवेशिक साम्राज्यों का अंत

द्वितीय विश्वयुद्ध ने यूरोपीय राष्ट्रों को इतना शक्तिहीन बना दिया कि वे अपने उपनिवेश ओं को संभालने में असमर्थ हो गए अतएव उन्हें उन निवेशकों को छोड़ना पड़ा था इस युद्ध के बाद भारत बर्मा इंडोनेशिया मलाया आदि देश स्वतंत्र हो गए।

3. इंग्लैंड की शक्ति का ह्रास

इंग्लैंड के संदर्भ में कहा जाता था कि इसका सूर्य कभी अस्त नहीं होगा लैंड विश्व की सबसे बड़ी शक्ति माना जाता था इस युद्ध के बाद उसकी शक्ति में कमी हुई और उसे एक-एक कर अपने सभी उपनिवेशों को मुक्त करना पड़ा।

4. सोवियत रूस की शक्ति में वृद्धि

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद सोवियत रूस की शक्ति में काफी वृद्धि हुई वह विश्व का दूसरा सबसे शक्तिशाली राष्ट्र माना जाने लगा।

5. अमेरिका के प्रभुत्व में वृद्धि

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका की शक्ति काफी बढ़ गई वह विश्व का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बन गया।

6. साम्यवाद का प्रसार

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद साम्यवाद का पर्याप्त प्रसार हुआ प्रथम विश्वयुद्ध के बाद संसार में केवल सोवियत रूस में ही साम्यवादी व्यवस्था थी लेकिन द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पूर्वी यूरोप के अनेक देशों तथा चीन उत्तर कोरिया आदि एशियाई देशों में भी साम्यवादी व्यवस्था की स्थापना हुई द्वितीय विश्वयुद्ध का यह एक बेहद महत्वपूर्ण परिणाम था।

7. विश्व का दो गुटों में विभक्त होना

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका और सोवियत रूस में प्रभाव वृद्धि की ओर चल पड़ी और संसार के देश दो गुटों में विभाजित हो गए पूर्वी यूरोप चीन और दक्षिण पूर्वी एशिया सोवियत रूस की कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित होकर सोवियत रूस के प्रभाव क्षेत्र में आ गए।

दूसरी ओर पश्चिमी यूरोप तथा एशिया के कुछ देशों अमेरिका के प्रभाव क्षेत्र में आ गए संसार दो विचारधाराओं में विभाजित हो गया साम्यवादी गुट का नेता सोवियत रूस बना और पूंजीवादी गुट का नेता अमेरिका इसके बाद सोवियत रूस और अमेरिका में शीत युद्ध की स्थिति निर्मित हो गई इधर सोवियत रूस के विघटन के बाद शीतयुद्ध का युग समाप्त हो गया।

8. जर्मनी का विघटन

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जर्मनी को दो भागों में बांट दिया गया पश्चिमी जन्मी और पूर्वी जर्मनी पश्चिमी जर्मनी इंग्लैंड अमेरिका तथा फ्रांस के संरक्षण में और पूर्वी जर्मनी सोवियत रूस के संरक्षण में रहे।

9. संयुक्त राष्ट्र संघ का संगठन

द्वितीय विश्व युद्ध ने यह स्पष्ट कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी ऐसी संस्था का संगठन जरूरी है जो पूर्ववर्ती राष्ट्र संघ से अधिक शक्तिशाली होता था जो विश्व में शांति कायम रख सके संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना इसी उद्देश्य से सन 1945 में हुई।

10. नए हथियारों का अन्वेषण तथा परमाणु बम का आविष्कार

विश्व युद्ध के दौरान अनेक नए घातक हथियारों का अविष्कार हुआ संयुक्त राज्य अमेरिका ने सबसे पहले परमाणु बम का इस्तेमाल इसी युद्ध के दौरान किया युद्ध की समाप्ति के बाद आणविक हथियारों का निर्माण के लिए देशों में होड़ मच गई और कुछ ही वर्षों में कुछ अन्य देशों ने भी आणविक हथियार विकसित कर लिए।

इसके अतिरिक्त अन्य नाभिकीय अस्त्रों का भी विकास हुआ जो जापान पर गिराए गए परमाणु बमों से भी हजारों गुना अधिक शक्तिशाली है अगर दुर्भाग्यवश कभी इनका उपयोग किया गया तो संपूर्ण विश्व ही नष्ट हो जाएगा इस तरह द्वितीय विश्वयुद्ध ने भविष्य में और भी भयंकर युद्ध की संभावनाएं पैदा की हैं और इससे बचने के लिए विश्वशांति और विश्व बंधुत्व की अनिवार्यताओं को भी स्पष्ट किया है।

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