और आपके आस पास ऐसे बहुत से लोग होंगे जो शराब के आदी हैं। और रोज बहुत शराब पीते होंगे। जिस कारण उनका जीवन खराब हो गया होगा।
तो इस पोस्ट में हम शराब पीने वालो और शराब के बारे में कुछ रोचक तथ्यों पर बातचीत करने वाले हैं।
शराब अक्सर हमारे समाज में आनन्द के लिए पी जाती है। ज्यादातर शुरूआत दोस्तों के प्रभाव या दबाव के कारण होता है और बाद में भी कई अन्य कारणों से लोग इसका सेवन जारी रखते है।
जैसे- बोरियत मिटाने के लिए, खुशी मनाने के लिए, अवसाद में, चिन्ता में, तीव्र क्रोध या आवेग आने पर, आत्माविश्वास लाने के लिए या मूड बनाने के लिए आदि।
इसके अतिरिक्त शराब के सेवन को कई समाज में धार्मिक व अन्य सामाजिक अनुष्ठानों से भी जोड़ा जाता है। परन्तु कोई भी समाज या धर्म इसके दुरूपयोग की स्वीकृति नहीं देता है।
शराब पीने से शारिरीक क्षति
शराब शरीर के लगभग सभी अंगो पर अपना बुरा प्रभाव छोड़ता है अैर शरीर का शायद ही कोई अंग इसके दुष्प्रभाव से वंचित रहता है।
शराब से पेट संबंधी बिमारियाँ जैसे- अपच, पेट के धाव (अल्सर), यकृत की बीमारी जैसे-सिरोसिस, लिवर का पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होना, स्नायु तंत्र की कमजोरियाँ, हृदय संबंधी रोग विशेषतः रक्तचाप, यादास्त की बीमारी, कैंसर आदि।
इस तरह से हम देखते है कि शरीर तो खराब होता ही है, मस्तिस्क की कोशिकाएँ भी मरने लगती है। मानसिक रोग उत्पन्न होते है तथा व्यक्ति में परिवर्तन आ जाता है।
शराब पीने के लक्षण
शराब के लगातार सेवन से कुछ विशेष लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जिसके आधार पर भी इसके आदी होने को पहचाना जा सकता है।
हमेशा शराब सेवन करने की प्रबल इच्छा या तलब।
असरदार (टॉलरेंस) नशा के लिए शराब की मात्रा में बढोतरी।
शराब छोड़ने पर शरीर में कम्पन होना, रक्तचाप अनियमित हो जाना, घबराहट, बेचैनी होना, कानों में आवाज सुनाई पड़ना, आँखो के सामने कीड़े-मकोडे़ चलते नजर आना, भयभीत होना, नींद न आना आदि। दुबारा सेवन करते ही इन लक्षणें में सुधार होना पाया जाता है।
लम्बे समय तक अधिक मात्रा में सेवन करना।
रूचिकर कार्यो से विमुख होने और अधिकतर समय शराब की तलाश में बिताना या नशे के प्रभाव में रहना।
शारीरिक व मानसिक दुष्प्रभावों के बावजूद सेवन बंद नही रखना या कोशिश करने के बावजूद सेवन बंद नही कर पाना।
सामाजिक, व्यवसायिक, पारिवारिक क्षेत्रो में हनन ।
सबसे पहले शराब पीने वाले खुद यह तय करे कि अब मैं शराब नही पीउँगा तो चिकित्सक इनकी मदद कर सकते है। देखा जाता है कि परिवार वाले तो उनके इलाज के लिए तैयार रहते है किन्तु व्यक्ति स्वयं इलाज नहीं कराना चाहता। ऐसी हालत में चिकित्सक का प्रयास सार्थक हो ही नहीं सकता।
शराब छोड़ने के उपाय
मनश्चिकित्सा केन्द्रों में नशा विमुक्ति केन्द्र होते है जहाँ डी-टोक्सीफिकेशन द्वारा शराब छुड़ाने तथा उसके उपरांत मोटिवेशन थैरपी, फिजियोथैरपी तथा ग्रुप थैरपी द्वारा इससे निजात पाने की कोशिश की जाती है।
स्वयं व्यक्ति के प्रबल इच्छाशक्ति तथा परिवार के सहयोग तथा चिकित्सकों के सतत् प्रयास से सफलता पूर्वक इसका इलाज संभव है।
जब लोग शराब का सेवन जारी रखते है तो धीरे-धीरे ऐसी आदत बन जाती है कि उसे छोड़ पाना मुश्किल हो जाता है। वह व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बन जाता है।
छोड़ने की कोशिश करने पर नाना प्रकार के शारीरिक व मानसिक परेशानियाँ होती है और व्यक्ति इसका लगातार सेवन करने के लिए बाध्य हो जाता है।
दुनिया के सबसे महंगी शराब
रेड वाइन- स्क्रीमिंग ईगल कार्बनेट-1992 दुनिया की सबसे महंगी रेड वाइन है। इसकी एक बोतल की कीमत 3.2 करोड़ रुपए है।
रम- इसकी एक बोतल की कीमत 35 लाख रुपए है। जे वेरी एंड नेफ्यू दुनिया की सबसे महंगी रम है। दुनिया में अब सिर्फ इसकी 4 बोतलें ही बची हैं।
स्कॉच-व्हिस्की- 64 साल पुरानी मैक्कलन सिंगल मॉल्ट दुनिया की सबसे महंगी स्कॉच-व्हिस्की है। इस एक बोतल की कीमत 29 लाख रुपए है।
बीयर- ब्रीयुइंग अंटार्कटिक नेल ऐल दुनिया की सबसे महंगी बीयर है। इसके एक पाइंट की कीमत करीब 1.2 लाख है।
Macallan in Lalique - इस शराब की कीमत 2,92,74,620 करोड़ रुपए है। दुनिया में ये शराब 'व्हिस्की की मल्लिका' कही जाती है। इसकी बोतल को हुक्के के आकार दिया गया है।
तो दोस्तों आपको ये पोस्ट कैसी लगी कमेंट में जरूर बताये और कोई सवाल हो तो आप पूछ सकते हैं।

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