जनसंख्या विस्फोट का अर्थ
जनसंख्या विस्फोट से अभिप्राय जनसंख्या में लगातार अनियमित इस प्रकार से तेज वृद्धि से है जिससे कि आर्थिक विकास पीछे छूट जाए बेरोजगारी तथा गरीबी की समस्याएं बनी रहे जीवन में कोई सुधार ना हो।
भारत में स्वतंत्रता के बाद जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई सन 1951 में 36 करोड़ नवलाख भारत की आबादी थी आधी आबादी एक अरब 38 करोड़ के आसपास हो गई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़े देश के जनसंख्या आयुक्त सी. चंद्रमौली नई दिल्ली में पिछले 26 मार्च को जारी किए इनके अनुसार 1 मार्च 2011 की मध्य रात्रि को भारत की कुल जनसंख्या एक अरब 21 करोड़ 569537 थी।
जो वर्ष 2001 में देश की जनसंख्या की तुलना में 18 करोड अजीब थी 10 वर्षों में भारत में हुए यह जनसंख्या वृद्धि विश्व की पांचवीं बड़ी जनसंख्या वाले देश ब्राजील की जनसंख्या से थोड़ा कम है वर्ष 2011 की जनगणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार भारत की जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का 17.5% है।
चीन के बाद भारत ऐसा दूसरा राष्ट्र है जिनकी जनसंख्या 1 अरब से अधिक है चीन में वर्ष 2011 में हुई जनगणना में वहां की जनसंख्या एक अरब 39 करोड़ पाई गई थी।
जनसंख्या विस्फोट के कारण
भारत में जनसंख्या विस्फोट के अंतर्गत महिलाओं में साक्षरता का अभाव लड़कियों का छोटी आयु में विवाह धार्मिक कट्टरता रूढ़िवादिता परिवार नियोजन कार्यक्रम की असफलता घटती मृत्यु दर विदेशी शरणार्थी आदि प्रमुख कारण है।
जनसंख्या नियंत्रण के उपाय
1. शिक्षा का प्रसार,बढ़ती हुई जनसंख्या को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि देश में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जाए यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि शिक्षित परिवार के सदस्यों की जनसंख्या सीमित होती है।
2. समाज सुधार,बढ़ती हुई जनसंख्या को रोकने के लिए सामाजिक रूढ़ियों तथा प्रथाओं को मिटाने के प्रयास किए जाने चाहिए विवाह संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
3. मनोरंजन के साधनों में वृद्धि, संतति निग्रह के लिए मनोरंजन के साधनों में वृद्धि की जानी चाहिए मनोरंजन के साधनों के अभाव में संतान की वृद्धि को प्रोत्साहन मिलता है।
4. आत्म संयम, आत्म संयम जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने का श्रेष्ठ साधन है इससे संतान कम तथा स्वस्थ होंगे दो से अधिक संतान उत्पन्न नहीं करना चाहिए।
भारतीय लोकतंत्र पर जनसंख्या विस्फोट का प्रभाव
1. खाद्यान्न की समस्या, जनसंख्या विस्फोट के कारण खाद्यान्न के उत्पादन में वृद्धि होने पर भी अध्यायों का अभाव रहता है अतः करोड़ों रुपए के खाद्यान्न का आयात करना पड़ता है।
2. बेरोजगारी की समस्या,जनसंख्या विस्फोट के कारण बेरोजगारी की समस्या उग्र रूप धारण कर लेती है वर्तमान में बेरोजगारों की संख्या लगभग 8 करोड है।
3. आय, बचत तथा विनियोग की दर में कमी-जनसंख्या विस्फोट के कारण प्रति व्यक्ति आय घट जाती है अतः बचत कम होती है जिसके कारण विनियोग की दर भी गिर जाती है अतः पूंजी का निर्माण कम होता है।
4. कृषि में भार, जनसंख्या विस्फोट के कारण कृषि पर निर्भर रहने वाले लोगों की संख्या बढ़ जाती है इनका कृषि विकास तथा देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
5. भुगतान संतुलन की समस्या-जनसंख्या विस्फोट का भुगतान संतुलन पर भी प्रभाव पड़ता है अधिक मात्रा में खाद्यान्न का आयात करने के कारण भुगतान संतुलन प्रतिकूल हो जाता है।
6. जीवन स्तर का निम्न होना-गरीब लोगों में जनसंख्या की तीव्र वृद्धि विशेष रूप से हो रही है इससे वे और गरीब होते जा रहे हैं उनका जीवन स्तर दिन प्रतिदिन निम्न होता जा रहा है।
इसके अतिरिक्त निरक्षरता शहरीकरण की समस्या हिंसा में वृद्धि सरकार की योजनाओं में असफलता भ्रष्टाचार में वृद्धि अशांति व अराजकता आधी जनसंख्या विस्फोट के ही परिणाम है।
जनसंख्या संबंधी भारतीय संविधान में संशोधन
दिसंबर 1992 में सरकार ने संसद में एक संविधान संशोधन विधेयक पारित किया है जिसके तहत विधेयक लागू होने के 1 वर्ष बाद से दो या दो से अधिक बच्चों वाले स्त्री-पुरुष संसद और विधानसभाओं का चुनाव लड़ने का अधिकार से वंचित हो जाएंगे।
दिसंबर 1992 में सरकार ने संसद में एक संविधान संशोधन विधेयक पारित किया है जिसके तहत विधेयक लागू होने के 1 वर्ष बाद से दो या दो से अधिक बच्चों वाले स्त्री-पुरुष संसद और विधानसभाओं का चुनाव लड़ने का अधिकार से वंचित हो जाएंगे।
15 फरवरी 2000 को नवीन जनसंख्या नीति की घोषणा की गई थी जिसका उद्देश्य निम्न-
1 वर्ष 2045 तक जनसंख्या को स्थिर करना।
2. दो बच्चों के सिद्धांत को अपनाना।
3. जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देना और इसके प्रति लोगों को प्रेरित करना।
1 वर्ष 2045 तक जनसंख्या को स्थिर करना।
2. दो बच्चों के सिद्धांत को अपनाना।
3. जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देना और इसके प्रति लोगों को प्रेरित करना।
इस नीति की प्रमुख बातें निम्न अनुसार है
1.लोकसभा में संसद सदस्यों की वर्तमान संख्या 546 को वर्ष 2026 तक न बढ़ाना।
2.वर्ष 2045 तक देश की आबादी को स्थिर करने का पूर्ण लक्ष्य प्राप्त करना।
3.वर्ष 2010 तक प्रति दंपत्ति दो बच्चों के सिद्धांत को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना।
4. छोटी परिवार के सिद्धांत का पालन करने के लिए 16 प्रेरक उपायों की घोषणा।
3.वर्ष 2010 तक प्रति दंपत्ति दो बच्चों के सिद्धांत को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना।
4. छोटी परिवार के सिद्धांत का पालन करने के लिए 16 प्रेरक उपायों की घोषणा।

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