Sunday, August 26, 2018

तरुण की प्रेरणादायक कहानी l Best Inspiring Story Of Tarun Sharma

हेल्लो दोस्तों आज के कहानी में आप सभी का स्वागत है l आज की कहानी हमारे वेबसाइट की पहली कहानी है और इस कहानी को मैं खुद से बनाकर लिखने वाला हूँ l मतलब की ये कहानी किसी भी book में आपको नही मिलेगी l

इसे मैं अपने एक अनुभव के अनुसार बनाने वाला हूँ l इस story को मैं मेरे एक friend की जिंदगी से लेकर बनाऊंगा l इस story में मैं मेरे friend के उस बात को बताऊंगा जिसकी वजह से हमारे शहर में उसका नाम सभी के जुबान पर  आ गया l

Best Inspiring Story Of Tarun Sharma

मेरे उस friend को लोग जानने लगे जबकि पहले उसको कोई भी नही जनता था l ये  story हमें कुछ ऐसी प्रेरणादायक जानकारी देगी जिससे आपके अन्दर भी अपने काम को करने का जूनून और जोश मिलेगा l

तरुण की प्रेरणादायक कहानी 


बात तब की है जब मैं 11वीं कक्षा में पढता था l और मेरे साथ मेरे गाँव से 5-6 लड़के पढ़ते थे l और उस टाइम किसी ने तरुण ( जिसके ये कहानी है ) वो अपनी life में ऐसा काम करेगा की सभी लोग उसकी तारीफ करेंगे l
तरुण बहुत ही गरीब लड़का था l

उसके माता पिता खेती किसानी किया करते थे l जैसा छत्तीसगढ़ में सब लोग करते हैं l लेकिन उनके पास ज्यादा खेत नही था l सिर्फ 2 एकड़ ही जमीन था उनके पास l जिसमे उतनी उपज भी नही होती की तरुण को वो आगे अच्छी पढाई करवा सके l

हम सभी स्कूल जाते थे तो हम उसको अपने साइकिल से बैठाकर ले जाते थे क्योंकि उसके पास साइकिल नही थी l वो पढाई में होशियार तो था लेकिन उसके पास books नही थे वो पुरानी books को read किया करता था l और उनमे से बहुत सारे चीजें new book में थी l

पुरानी books में बहुत ही कम जानकारी दी जाती थी तो वो हमारे कुछ books ले जाकर पढ़ा करता था l और उसके पास books न होने के बाद भी वो हम सभी दोस्तों से ज्यादा ही नंबर परीक्षा में ले आता था l

पढाई में intelligent था लेकिन उसकी पढाई के लिए उसके माता पिता के पास पैसे नही थे l बड़ी मुश्किल से वो स्कूल की महीने की फीस चुकाते थे l और बाकि के पैसे खाने - पीने के लिए रखते थे l ये बात तरुण को बखूबी पता थी l

और जब वो अकेले रहता था तो वो सोचता रहता था की एक दिन ऐसा काम करूँगा की मेरी सारी गरीबी दूर हो जाये l वो हमेशा इसी चीज के डूबा रहता था की मेरे माँ - बाप के पास पैसे नही हैं फिर भी वो लोग मुझे अच्छे स्कूल में पढ़ा रहे हैं l

क्या मैं उनके लिए कुछ नही कर सकता ? वो कहता मुझे ही कुछ करना है अपने माँ - बाप के लिए l ऐसे ही पढ़ते पढ़ते हम 11वीं से भी निकल गये और इस साल भी तरुण सारे क्लास में अव्वल आया l और गर्मी के दिनों में वो काम करने बाहर राज्य चला गया l

जबकि हम 12वीं की तैयारी करने में लग गये 3 महीने बाद वो लौटा फिर उसने भी 12वीं के books लिए जो उसने कमाकर लाये थे l फिर उसने 12वीं में भी स्कूल भर में सबसे ज्यादा नंबर लाया l अभी सब उसकी ख़ुशी में शामिल हो रहे थे की एक बस एक्सीडेंट में उसके पिता जी की मृत्यु हो गयी l

और उसके बाद तो मानो उसकी सारी खुशियों को जैसे ग्रहण सा लग गया l वो अपने घर से निकलता तो सिर्फ खेत जाने के लिए वो अब किसी से बातें भी नही करता था सिर्फ अपने माँ के अलावा ऐसे ही उसने collage में एडमिशन भी नही ली l

उसके बाद उसने सोचा की अब क्या करू ? मेरी ज़िन्दगी का मकसद क्या है ? मैं इस दुनिया में क्यों आया हूँ ? क्या ऐसे ही गरीबी में ही मर जाऊंगा ? ये सवाल उसके मन में आने लगे l फिर उसने सोचा की अब मुझे कुछ ऐसा काम करना चाहिए जिससे मेरी गरीबी मिट सके मैं अपनी  और अपनी माँ की ज़िन्दगी में खुशियाँ भर सकू l


और फिर इसी से उसकी सोच बदली और उसने बैंक से लोन लेकर अपनी एक शॉप स्टार्ट किया ये शॉप लोगों को उनके जरुरत के सामान उनके घर तक ले जाने का  काम करता है l उसने अपने साथ कुछ वर्कर्स को काम में लगाया और अपना काम चालु कर दिया l

उसको पता था की गाँव में पोस्ट डाक  नही जा सकता l और कोई शहर से सामान मंगवाता है तो वो कभी गाँव में पहुँचता है और कभी नही पहुँचता l इसी चीज को जानकर उसने अपने काम को अंजाम दिया l और आज उसके क्लिन्ट्स हमारे डिस्ट्रिक्ट के सभी शॉप हैं l

जो भी गाँव से कुछ सामान आर्डर करता उसको ले जाने का जिम्मा तरुण के टीम  को सौंपी जाती है l और आज की बात करूँ तो उसके पास 15 एकड़ की खुद की खेती है l दो चारपहिया वाहन है दो मोटरसाइकिल हैं l एक अच्छा घर है l

और ये सब उसकी मेहनत का ही फल है l की इतनी छोटी सी उम्र में उसने खुद के दम पर ही अपनी life को सेट कर ली जो इंसान 12वीं में दूसरों के साइकिल से जाता था आज वो चारपहिया वाहन में घूमता है l जिसके पास 2 एकड़ ही जमीन थी वो आज बढ़कर 15 एकड़ हो गयी है l

और ये सब उसके कड़ी मेहनत के कारण ही संभव हो पाया है l वो एक ऐसा इंसान है जिसने साबित कर दिया की गरीबी कितनी भी हो अगर मन में कुछ करने का निश्चय हम कर ले तो हम कोई भी काम कर सकते है l चाहे वो कितनी भी मुश्किल हो l

इस सक्सेस में एक इंसान का और हाथ है और वो हैं सभी के inspiration संदीप माहेश्वरी सर तरुण को उनके वीडियोस ने हद से ज्यादा प्रभावित किया l उनका एक word 'आसान है ' तरुण के दिमाग में घर कर गया था l जिसकी वजह से तरुण आज इस मुकाम पर है l

उसका प्लान है की वो पुरे छत्तीसगढ़ राज्य में अपने इस business को फैलाए और दूर दराज के जो गाँव हैं उनके यहाँ भी अपनी सेवायें प्रदान करे और लोगों को Technology के प्रति जागरूक करे l ये मुश्किल है लेकिन मेरे हिसाब से तरुण के लिए असंभव नही l

वो एक बड़ा आदमी तो बन गया लेकिन उसके अंदर अभी तक कुछ भी घमंड नही आया वो अपने पुराने दिनों को याद करता है और लोगों की मदद करता है l वो आगे गरीबों के लिए free में ट्रस्ट खोलने वाला भी है लेकिन अभी उसने इसके बारे में पूरी जानकारी नही दी है l

तो दोस्तों ये थी एक गरीब तरुण की कहानी जिसने एक बड़ा मुकाम खुद के दम पर हासिल किया मुझे विश्वास है की आपको तरुण से कुछ न कुछ प्रेरणा जरुर मिली होगी l और आपके अंदर भी आपनी life में कुछ अलग करने का जोश भी आया होगा l

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