Monday, February 24, 2020

Pleasant Personality Develop करने के 10 Tips

हम रोज़ाना बहुत से लोगों से मिलते हैं पर कुछ -एक लोग ही ऐसे होते हैं जो हमें प्रभावित कर जाते हैं. ऐसे लोगों के लिए ही हम कहते हैं कि, the person has got a pleasant personality. ऐसी personality वाले लोग अक्सर खुशहाल होते हैं और उनकी हर जगह respect होती है, उन्हें like किया जाता है, parties में invite किया जाता है और job में इन्हें promotion भी जल्दी मिलता है. Naturally, हम सभी ऐसी personality possess करना चाहेंगे और आज मैं अपने इस article में ऐसे ही 10 points share कर रहा हूँ जो आपको एक आकर्षक व्यक्तित्व पाने में help कर सकते हैं.

1. लोगों को genuinely like करिए :

जब हम किसी से मिलते हैं तो मन में उस person की एक image बना लेते हैं. ये image positive, negative या neutral हो सकती है. पर अगर हम अपनी personality improve करना चाहते हैं तो हमें इस image को intentionally positive बनाना होगा. हमें अपने mind को train करना होगा कि वो लोगों में अच्छाई खोजे बुराई नहीं. ये करना इतना मुश्किल नहीं है, अगर आप mind को अच्छाई खोजने के लिए निर्देश देंगे तो वो खोज निकालेगा.

हमें लोगों के साथ patient होना चाहिए, उनकी किसी कमी या shortcoming से irritate होने की बजाये खुद को उनकी जगह रख कर देखना चाहिए. क्या पता अगर हम भी उन्ही जैसे circumstances में पले-बढे होते तो उन जैसे ही होते!!! इसलिए differences को सेलिब्रेट करिए उनसे irritate मत होइये.

Friends, हमारे चारो -तरफ फैली negativity हमें बहुत प्रभावित करती है, हम रोज़ चोरी, धोखा-धडी, fraud की खबरें सुनते हैं और शायद इसी वजह से आदमी का आदमी पर से विश्वास उठता जा रहा है. मैं ये नहीं कहता की आप आँख मूँद कर लोगों पर trust करिए, पर ये ज़रूर कहूँगा कि आँख मूँद कर लोगों पर distrust मत करिए. ज्यादातर लोग अच्छे होते हैं; कम से कम उनके साथ तो होते ही हैं जो उनके साथ अच्छा होता है, आप लोगों के साथ अच्छा बनिए, उन्हें like करिए और बदले में वे भी आपके साथ ऐसा ही करेंगे.

Ralph Waldo Emerson ने कहा भी है,

मैं जिस व्यक्ति से भी मिलता हूँ वह किसी ना किसी रूप में मुझसे बेहतर है.

तो जब हर कोई हमसे किसी न किसी रूप में बेहतर है तो उसे like तो किया ही जा सकता है!

2. मुसकुराहट के साथ मिलिए :


जब आप अपने best friend से मिलते हैं तो क्या होता है? आप एक दूसरे को देखकर smile करते हैं, isn’t it?

मुस्कराना जाहिर करता है कि आप सामने वाले को पसंद करते हैं. यही बात हर तरह की relations में लागू होती है; इसलिए आप जब भी किसी से मिलें ( of course कुछ exceptions हैं ) तो चहरे पर एक genuine smile लाइए, इससे लोग आपको पसंद करेंगे, आपसे मिलकर खुश होंगे. आपकी मुस्कराहट के जवाब में मुस्कराहट न मिले ऐसा कम ही होगा, और होता भी है तो let it be आपको अपना part अच्छे से play करना है बस.

ये सुनने में काफी आसान लग रहा होगा, करना ही क्या है, बस हल्का सा smile ही तो करना है, बहुत से log naturally ऐसा करते भी हैं; पर बहुत से लोग इस छोटी सी बात पर गौर नहीं करते, और अगर आप भी नहीं करते तो इसे अपनी practice में लाइए. एक मुस्कुराता चेहरा एक flat या stern face से कहीं अधिक आकर्षक होता है, और आपकी personality को attractive बनाने में बहुत मददगार होता है.

मुस्कुराने से एक और फायदा भी है, as per some research; जब हम अन्दर से खुश होते हैं तो हमारे एक्सटर्नल expressions उसी हिसाब से change हो जाते हैं, हमें देखकर ही लोग समझ जाते हैं कि हम खुश हैं; और ठीक इसका उल्टा भी सही है, यानि जब हम अपने बाहरी expressions खुशनुमा बना लेते हैं तो उसका असर हमारे internal mood पर भी पड़ता है और वो अच्छा हो जाता है.

So, don’t forget to carry a sweet smile wherever you go.

3. नाम रहे ध्यान :


किसी व्यक्ति के लिए उसका नाम दुनिया के बाकी सभी नामों से ज्यादा importance रखता है. इसिलए जब आप किसी से बात करें तो बीच-बीच में उसका नाम लेते रहिये. Of course अगर व्यक्ति आपसे senior है तो आपको नाम के साथ ज़रूरी suffix या prefix लगाना होगा.

बीच-बीच में नाम लेने से सामने वाला अपनी importance feel करता है और साथ ही आपकी तरफ ध्यान भी अधिक देता है. And definitely वो इस बात से खुश होता है कि आप उसके नाम को importance दे रहे हैं.

Friends, नाम याद रखने में मैं भी थोडा कच्चा था, यहाँ तक कि कई बार नाम जानने के 2 minute बाद ही वो ध्यान से उतर जाता था. ऐसा basically इसलिए होता था क्योंकि मैं नाम याद रखने की कोशिश ही नहीं करता था; पर अब मैं intentionally एक बार नाम सुनने के बाद उसे याद रखने की कोशिश करता हूँ. आप भी “नाम की महत्ता को समझिये ”, नाम याद रखना आपको एक बहुत बड़ी edge दे देता है.


4. “I” से पहले “You” को रखिये:


आप किसे अधिक पसंद करेंगे : जो अपने मतलब की बात करे या उसे जो आपके मतलब की बात करे?

Of course आप दूसरा option choose करेंगे …हर एक इंसान पहले खुद को रखने में लगा हुआ है …मैं ऐसा हूँ, मुझे ये अच्छा लगता है, मैं ये करता हूँ ….isn’t it? पर आप इससे अलग करिए आप “I” से पहले “You” को रखिये.

आप कैसे हैं “, आपको क्या अच्छा लगता है?, आप क्या करते हैं ?

I bet, ऐसा करने से लोग आपको कहीं अधिक पसंद करेंगे. अगर अपनी बात करूँ तो अगर आप मुझसे AKC के बारे में बात करेंगे तो मैं आपको बहुत पसंद करूँगा.

सिर्फ actors, cricketers, या writers ही नहीं एक आम आदमी भी audience चाहता है …जब आप एक आम आदमी के audience बनते हैं तो आप उसके लिए ख़ास हो जाते हैं. और जब आप बहुत से लोगों के साथ ऐसा करते हैं तो आप बहुत से लोगों के लिए ख़ास हो जाते हैं and in the process आप एक Person से बढ़कर एक Personality बन जाते हैं, एक ऐसी personality जिसे सभी पसंद करते हैं, जिसका charisma सभी को influence कर जाता है.

5. बोलने से पहले सुनिए:


इसे आप पॉइंट 4 का extension कह सकते हैं. जब आप दूसरे में interest लेते हैं तो इसमें ईमानदारी होनी चाहिए. आपने “आप क्या पसंद करते हैं?” इसलिए नहीं पूछा कि बस वो जल्दी से अपना जवाब ख़तम करे और आप अपनी राम-कथा सुनाने लग जाएं.

आपको सामने वाले को सिर्फ पहले बोलने का मौका ही नहीं देना है, बल्कि उसकी बात को ध्यान से सुनना भी है और बीच-बीच में उससे related और भी बातें करनी हैं. For ex: अगर कोई कहता है कि उसे घूमने का शौक है, तो आप उससे पूछ सकते हैं कि उसकी favourite tourist destination क्या है, और वहां पर कौन-कौन सी जगह अच्छी हैं.

अच्छे listeners की demand कभी कम नहीं होती आप एक अच्छा listener बनिए और देखिये कि किस तरह आपकी demand बढ़ जाती है.

6. क्या कहते हैं से भी ज़रूरी है कैसे कहते हैं :

आप जो बोलते हैं उससे भी अधिक महत्त्व रखता है कि आप कैसे बोलते हैं. For ex. आपसे कोई गलती हुई और आप मुंह बना कर sorry बोलते हैं तो उस sorry का कोई मतलब नहीं. हमें न सिर्फ सही words use करने हैं बल्कि उन्हें किस तरह से कहा जा रहा है इस बात का भी ध्यान रखना है.

इसलिए आप अपनी tone और body language पे ध्यान दीजिये, जितना हो सके polite और well-mannered तरीके से लोगों से बात करिए.

यहाँ मैं ये भी कहना चाहूँगा कि बहुत से लोग English बोलने की ability को Personality से relate कर के देखते हैं, जबकि ऐसा नहीं है, आप बिना A,B,C जाने भी एक प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले इंसान बन सकते हैं.


7. बिना अपना फायदा सोचे लोगों की help करिए :


कई बार हम ऐसी स्थिति में होते हैं कि दूसरों की help कर सकें, पर out of laziness या फिर ये सोचकर कि इसमें हमारा कोई फायदा नहीं है हम help नहीं करते. पर एक pleasant personality वाला व्यक्ति लोगों की help के लिए तैयार रहता है. हाँ, इसका ये मतलब नहीं है कि आप अपने ज़रूरी काम छोड़ कर बस लोगों की help ही करते रहे, लेकिन अगर थोडा वक़्त देने पर आप किसी के काम आ सकते हैं तो ज़रूर आएं. आपकी एक selfless help आपको दूसरों की ही नहीं अपनी नज़रों में भी उठा देगी और आप अच्छा feel करेंगे.

आपने सुना भी होगा-

A little bit of fragrance always clings to the hands that gives you roses.

8. अपने external appearance को अच्छा बनाइये :


चूँकि हमारा पहला impression हमारी appearance की वजह से ही बनता है इसलिए इस point पर थोडा ध्यान देने की ज़रुरत है.

Appearance से मेरा ये मतलब नहीं है कि आप Gym जाने लगिए और body बनाइये, या फिर beauty parlour के चक्कर लगाते रहिये, it simply means कि आप occasion के हिसाब से dress-up होइये और personal hygiene पर ध्यान द्जिये. छोटी–छोटी बातें जैसे कि आपका hair-cut, nails और polished shoe आपकी personality पर प्रभाव डालते हैं.

9. क्या appreciate कर सकते हैं खोजिये :

चाहे मैं हूँ, आप हों, या फिर Mr. Bachchan, तारीफ सुनना सबको पसंद है. लोगों का दिल जीतने का और अपना friend बनाने का ये एक शानदार formula है …प्रशंशा कीजिये, सच्ची प्रशंशा कीजिये.

India में ना जाने क्यों किसी की तारीफ़ करना इतना कठिन हो जाता है … शादियों में जो ऑर्केस्ट्रा होती है उसमे ज़रूर गए होंगे ….बेचारा गायक एक शानदार गीत गाता है है और तालियाँ बजाने की बजाये लोग एक -दूसरे के चेहरे देखने लगते हैं …; अच्छा हुआ मैं orchestra में नहीं गाता नहीं तो ऐसी audience की वजह से depression में चला जाता.

खैर, मैं यहाँ individual level पे praise करने की बात कर रहा हूँ. अगर आप खोजेंगे तो हर इंसान में आपको तारीफ करने के लिए कुछ न कुछ दिख जाएगा; वो कुछ भी हो सकता है-उसका garden, coins का collection, बढियां से सजाया कमरा, उसकी smile, उसका नाम, कुछ भी, खोजिये तो सही आपको दिख ही जायेगा. और जब दिख जाए तो दब्बू बन कर मत बैठे रहिये, किसी की तारीफ़ करके आप उसे वो देंगे जो वो दिल से चाहता है …आप उसकी ख़ुशी को बढ़ा देंगे, उसका दिन बना देंगे, और सबसे बड़ी चीज आप उसे वो काम आगे भी carry करने के लिए fuel दे देंगे. अगर सामने बोलने से हिचकते हैं तो बाद में एक sms कर दीजिये, मेल से बता दीजिये, पर अगर कुछ praiseworthy है तो उसे praise ज़रूर करिए.

हाँ अगर बहुत कोशिश करने पर भी वो ना मिले तो don’t try to fake it…बच्चे भी समझ जाते हैं कि आप सच्ची तारीफ कर रहे हैं या झूठी.

10. लगातार observe और improve करते रहिये :

Personality development एक on-going process है. हम सब में improvement का infinite scope है, इसलिए कभी ये मत समझिये कि बस अब जिंतना improvement होना था हो गया, बल्कि अपने लिए कुछ समय निकाल कर अपनी activities, अपने words को minutely observe करिए, आपने क्या किया, आप उसे और अच्छा कैसे कर सकते हैं, कहीं ऐसा तो नहीं कि आप किसी चीज को लेकर खुद को तीस-मारखां समझ रहे हैं और हकीकत में लोग आपकी इस बात को पसंद नहीं करते.

For ex. कुछ साल पहले मैंने realize किया कि लोगों में जल्दी improvement लाने के चक्कर में मैं इतने अधिक mistakes point out कर देता कि उनका confidence कम हो जाता; so I improved on this point और अब मैं patiently ये काम करता हूँ. आप भी इस रास्ते पर बढ़ते हुए खुद को observe करते चलिए, और लगातार improve करते जाइये.

I hope ये 10 बातें आपको अपनी personality pleasant बनाने में help करेंगी.

अब क्या करना है?

अब आपको इन दस बातों की बारी-बारी से प्रैक्टिस करनी है. To start with आप अपनी पसंद का कोई एक point choose कर लें, ध्यान रहे कि एक बार में सिर्फ और सिर्फ एक point पर ही focus करना है. Choose करने के बाद इसे real life में apply करें. अपनी day-today activities में खुद पर नज़र रखें और देखें कि आप सचमुच उसे apply कर पा रहे हैं या नहीं. जब एक हफ्ते ऐसा कर लें तो दूसरे point को उठाएं और अब उसकी practice करें. इस दौरान आप पहले point को भी apply करते रहे, पर अगर वो miss भी हो जाता है तो don’t worry फिलहाल आपका focus point 2 है, और वो नहीं miss होना चाहिए.

इसी तरह से आप बाकी points की भी practice करते रहिये, और कुछ ही महीनो में आप पाएंगे कि एक साथ सारी बातों पर ध्यान दे पा रहे हैं. Just be patient and keep on moving, and surely आप जल्द ही एक pleasant

भारत के 10 महान शासक l 10 Great Kings of India in Hindi



भारत महान शासकों का देश रहा है. अलग-अलग काल में एक से बढ़कर एक राजाओं ने भारत पर राज किया है और आज हम आपके साथ ऐसे ही दस शाशकों की सूचि प्रस्तुत कर रहे है.

इस सूचि को शासक के द्वारा विस्तार किये गए राज्य की सीमा और उनका भारत की जनता और देश की संस्कृति पर जो असर हुआ है उसे ध्यान में रख कर बनाया गया है. और हमने सिर्फ सामरिक क्षमता ही नहीं अपितु राजकुशलता  और जनता के प्रति कल्याण भाव रखने वाले राजाओं को वरीयता दी है.

यह सूचि शासन काल के समय के अनुसार तैयार की है, यानि चुने गए सबसे पुराने शासक को सबसे पहले दिखाया गया है और बाद में आने वालों को बाद में.

तो आइये देखते हैं इसे :

10 Great Kings of India in Hindi

भारत के 10 महान शासक


1. अजातशत्रु- 491 BC

अजातशत्रु मगध पर राज्य करते थे और वह हर्यंका वंश से थे. उनके पिता सम्राट बिम्बिसार थे अजातशत्रु ने अपने पिता को बंदी बना कर सत्ता हासिल कर ली.
अजातशत्रु बुद्ध और महावीर के समय में हुए और उन्होने उन्हे पूर्ण रूप से संरक्षण दिया. अजातशत्रु ने वज्जी को हराकर वैशाली जैसे बडे राज्य पर नियंत्रण प्राप्त किया. अजातशत्रु ने अपने भाई जो की खोसला राज्य के रजा थे उन्हे हराकर खोसला पर भी अधिपत्य हासिल किया. अजातशत्रु के समय में मगध मध्यभारत का एक बहुत की शक्तिशाली राज्य था.

2. चन्द्रगुप्त मौर्य (340 BC)

मौर्य वंश के संस्थापक चन्द्रगुप्त को भारत के पहले अहम् रजा के रूप में जाना जाता है, चाणक्य रुपी महान रणनीतिकार को गुरु के रूप में पाने के बाद उन्होने अपना अभियान शुरु किया और 20 वर्ष की अल्प आयु में ही युद्ध जीतने शुरू कर दिए थे. एलेक्जेंडर के भारत पर आक्रमण का विरोध करने में वह पूरी तरह सक्षम थे.

बालक के रूप में चंद्रगुत्प को चाणक्य ने तक्षशिला में देखा था, उन्हें बालक चन्द्रगुप्त की प्रतिभा का भान हो गया और उन्होंने चन्द्रगुप्त को उत्तम शिक्षा दी.

बडे होने के बाद चन्द्रगुप्त ने नन्द वंश का नाश करके अपना राज्य शुरू किया उन्होने मगध पर भी कब्ज़ा कर लिया और पश्चीम में ईरान तक अपना राज्य बढ़ा लिया. उस समय एलेग्जेंडर का सेनापति सेलुकास वहां राज्य करता था. चन्द्रगुप्त ने उसे युद्ध में हरा कर बहुत सा राज्य वापस ले लिया.

3. सम्राट अशोक ( 304 BC):

अशोक महान एक ऐसे शासक थे जिनका राज्य अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक और कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक फैला हुआ था. उनकी राजधानी पाटलिपुत्र थी. अशोक को भारत के इतिहास में सबसे शक्तिशाली राजा माना जाता है. अशोक मौर्य वंश के तीसरे शासक थे अशोक अपने शुरूआती दिनों में बहुत ही कठोर शासक थे इसीलिए उन्हे चंड अशोक कहा जाता था. परन्तु कलिंग युद्ध में लाखों लोगों की मृत्यु को देख कर उनका ह्रदय परिवर्तन हो गया और उन्होने विस्तार का अपना अभियान छोड़ दिया. बुद्ध धर्म को विदेशों में फैलाने में सम्राट अशोक ने बहुत योगदान दिया. भारत का राष्ट्रीय प्रतीक और झंडे का चक्र अशोक स्तम्भ से लिया गया है.

4. समुद्रगुप्त – चौथी शताब्दी

समुद्रगुत्प गुप्त राजवंश के वह राजा थे जिन्होने अपने पूरे जीवन काल में कभी कोई युद्ध नहीं हारा. अपने पुत्र विक्रमादित्य के साथ मिलकर उन्होने भारत के स्वर्ण युग की शुरुआत की. उन्होने ही मुद्रा का चलन शुरू किया और स्वर्ण मुद्राएँ बनवायीं. उनके राज्य में भारत का सांस्कृतिक उत्थान हुआ.

5. राजा राजा चोला ( चोला वंश) 

10वीं शताब्दी दक्षिण में जितने राजा हुए हैं उनमे से सबसे ताकतवर थे राजा राजा चोला. उन्होने दक्षिण में अपना शासन बनाया और अपना प्रभाव श्रीलंका तक फैलाया. हिन्द महासागर के व्यावसायिक समुद्र मार्गों पर चोला वंश का प्रभाव साफ़ तौर पर था और उनकी अनुमति के बिना यहाँ को व्यापार नहीं कर सकता था. उन्होने 100 से ज्यादा मंदिर बनवाये जिनमे से सबसे उत्तम और ऐतिहासिक है- तंजोर का शिव मंदिर जो UNESCO द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साईट घोषित किया जा चुका है.

6. कृष्णदेवराय 1509- 1530

दक्षिण के महान राजा कृष्णदेवराय विजयनगर के शासक थे उन्होने दक्षिण भारत में मुग़ल शासन की बढ़त को रोक दिया और बहुत से मंदिर बनवाये.

कृष्णदेवराय तुलुव वंश के तीसरे शासक थे उन्होने गोलकोंडा के सुल्तान और ओडिशा के राजा को परस्त कर के अपने राज्य का विस्तार किया. कृष्णदेवराय को उस समय के सबसे ताकतवर हिन्दु राजाओं में माना जाता है. उनके प्रभाव के कारण बाबर ने कृष्णदेवराय के राज्य पर आक्रमण नहीं किया.

7. महाराणा प्रताप 1540-1597 (मेवाड़ वंश- राजपूत शासक)

मुग़ल काल में जब राजपुताना के अन्य शासकों ने मुगलों से संधी कर ली थी तब मेवाड़ की भूमि पर जिस सूर्य का उदय हुआ उसका नाम था प्रताप. माता से मेवाड़ी परंपरा और शौर्य की गाथा सुनकर प्रताप का मन बचपन से ही मातृभूमि की भक्ति में लग गया और उन्होने अपना जीवन राष्ट्र, कुल और धर्मं की रक्षा के लिए अर्पित कर दिया.

अकबर से पराजित होने और जंगलों में भटकने के बाद भी उनका सहस नहीं टूटा और महाराणा ने चित्तौड़गढ़ वापस प्राप्त किया और राजपूतों की शान फिर से बढाई.
महाराणा ने प्रण लिया था की जब तक वह चित्तौड़गढ़ वापस नहीं लेंगे तब तक ना पलंग पर सोयेंगे और ना सोने की थालियों में खायेंगे. उन्होने अपने कर्म के लिए राज्य सुख का उपभोग त्याग दिया था.

8. अकबर ( 1556-1605)

अकबर मुग़ल वंश के तीसरे शासक थे. उनका शासन गोदावरी नदी के उत्तर में लगभग पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर था. अकबर ही एक ऐसा राजा था, जिसे हिन्दू मुस्लिम दोनों ही धर्मों के लोगों से बराबर स्नेह और सम्मान मिला. विशाल मुगल राज्य को एकजुट करने के लिए, अकबर ने अपने साम्राज्य भर में प्रशासन की एक केंद्रीकृत प्रणाली की स्थापना की और हारे हुए राजाओं के यहाँ शादी की कूटनीति द्वारा संभावित विद्रोह को ख़त्म किया.

9. शिवाजी महाराज 1660-1680 (मराठा शासन )

शिवाजी शाहजी भोसले मराठा शासन के बहुत ही लोकप्रिय और सफल शासक हुए. उन्होने बहुत ही कम उम्र से गुरिल्ला युद्ध कला में महारथ हासिल कर ली थी. छोटी उम्र से ही उनमे देशभक्ति की असीम भावना थी और उन्हे मुग़ल शासक बिलकुल भी पसंद नहीं थे. वे एक कुशल नेता, सफल राजनितिक और चतुर रणनीतिकार थे.

अपने उत्तम समय में उनके पास एक लाख से भी ज्यादा सैनिक मौजूद थे. उन्होने अपनी युद्धकला के नियम अपनी शिवाजी सूत्र में लिखे है. उन्होने राजकाज के काम के लिए पर्सियन भाषा की जगह मराठी और संस्कृत का उपयोग करने का नियम बनाये.

10. महाराजा रणजीत सिंह (सिख शासक )1780-1839

सिख शासन की शुरुवात करने वाले महाराजा रणजीत सिंह ने उन्नीसवी सदी में अपना शासन शुरू किया, उनका शासन पंजाब प्रान्त में फैला हुआ था और उन्होने दल खालसा नामक एक संगठन का नेतृत्व किया था. उन्होने छोटे गुटों में बंटे हुए सिखों को एकत्रित किया. उनके बाद उनके पुत्र खड़ग सिंह ने सिख शासन की कमान संभाली.

महाराजा रणजीत सिंह ने मिसलदार के रूप में अपना लोहा मनवा लिया था और अन्य मिसलदारों को हरा कर अपना राज्य बढ़ाना शुरू कर दिया था. पजाब क्षेत्र के सभी इलाकों में उनका कब्ज़ा था पूर्व में अंग्रजों के और पश्चिम में दुर्रानी के राज्य के बीच में उनका राज्य था.

रंजित सिंग जी ने पुरे पुजाब को एक किया और सिख राज्य की स्थापना की. महाराजा रणजीत ने अफगानों के खिलाफ कई लड़ाइयां लड़ीं और पेशावर समेत पश्तून क्षेत्र पर अधिकार कर लिया. ऐसा पहली बार हुआ था कि पश्तूनो पर किसी गैर मुस्लिम ने राज किया हो। उसके बाद उन्होंने पेशावर, जम्मू कश्मीर और आनंदपुर पर भी अधिकार कर लिया। ब्रिटिश इतिहासकार जे टी व्हीलर के अनुसार, अगर वे एक पीढ़ी पुराने होते, तो पूरे भारत को जीत लेते।

दोस्तों, तो ये थी भारत के प्रभावशाली दस राजाओं की सूचि. निश्चित रूप से भारत ने कई अन्य महान राजाओं का शासन देखा है और सम्भव है कि कुछ मायनों में वे यहाँ दिए गए राजों की सूचि से बेहतर हों. यदि आप उनके बारे में हमें बताना चाहते हैं तो कृपया कमेंट के माध्यम से बताएं

तानाजी मालुसरे का जीवन परिचय। Tanhaji Malusare Biography


तानाजी मालुसरे

जन्म – 1600 AD

जन्म स्थान – गोदोली गाँव, महाराष्ट्र, भारत

पिता का नाम – सरदार कलोजी

माता का नाम – पार्वतीबाई

पत्नी का नाम – ज्ञात नहीं

प्रसिद्धि – सिंहगढ़ की लड़ाई

मृत्यु – 1670 AD

तानाजी मालुसरे एक वीर मराठा सरदार थे | उनका जन्म 17वीं शताब्दी में हुआ था | एतिहासिक तथ्यों अनुसार वह महाराष्ट्र राज्य के कोंकण प्रान्त में महाड के पास “उमरथे” से आये थे | (जन्म स्थान – गोदोली गाँव, महाराष्ट्र, भारत) |

इस महान योद्धा को सिंहगढ़ की लड़ाई में प्रचंड पराक्रम और अतुल्य साहस के लिए याद किया जाता है | उनकी अडिग निष्ठा और कर्तव्यपरायणता प्रशंसापात्र है | तानाजी और छत्रपति शिवाजी महाराज एक दुसरे के घनिष्ठ मित्र थे | यह दोनों बालपन सखा भी रहे हैं |

बचपन से ही तानाजी को तलवारबाजी का बड़ा शौक था | बड़े हो कर तानाजी मराठा सेना के किल्लेदार (सुभेदार) बने | मराठा साम्राज्य सुरक्षा और समृद्धि हेतु कोंढ़ाणा किले पर जीत हासिल करना बेहद ज़रूरी था | इसी लक्ष्य को सिद्ध करने के लिए शिवाजी महाराज नें तानाजी के नेतृत्व में कोंढ़ाणा दुर्ग अर्जित करने का निश्चय किया | इस भीषण संग्राम में मराठा सेना विजय तो हुई लेकिन तानाजी मालसुरे वीरगति को प्राप्त हुए | आइये इस महान योद्धा के पराक्रम और वीरता से जुड़ी रोचक बातें जानें |

सिंहगढ़ की लड़ाई (सन 1670)

बात उस समय की है जब तानाजी के पुत्र रायबा के विवाह की तैयारी ज़ोरशोर से चल रही थी | इसी शुभ कार्य हेतु वह शिवाजी महाराज को आमंत्रित करने भी जाने वाले थे | तभी उन्हें पता चला कि शिवाजी कोंढाणा पर चढ़ाई करने वाले हैं | इस योजना हेतु उन्हें शिवाजी महाराज की और से बुलावा भी आ गया | उन्होंने तुरंत महाराज के पास जा कर इस साहसी कार्य को खुद करने की पेशकश की |

अपने पुत्र के विवाह जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग को प्राथमिकता न देते हुए उन्होंने अपने कर्तव्य को चुना | इस बात से सुभेदार तानाजी की  राजभक्ति  और शिवाजी महाराज के प्रति गहन मित्रता का मर्म पता चलता है |

सिंह गढ़ किले पर तानाजी का आगमन

छत्रपति शिवाजी महाराज की आज्ञा एवं इच्छा अनुसार सुभेदार तानाजी 342 बेहतरीन मराठा सिपाहियों की टुकड़ी के साथ कोंढ़ाणा (सिंह गढ़) किले पर पहुंचे | इस गढ़ को जीतना किसी भी तरह से सहज नहीं था | उन्होंने रात के घुप अँधेरे में किले के पश्चिम भाग से अंदर घुसने की योजना बनाई | सिंह गढ़ किले की पश्चिमी दिशा में खड़ी चट्टान स्थित होने के कारण मुग़ल सोच भी नहीं सकते थे कि वहां से आक्रमण संभव है | इसीलिए वहां पर नाम मात्र के सुरक्षा इंतज़ाम थे |


युद्ध में घोरपड़ (मॉनिटर लिज़र्ड) की भूमिका


तानाजी नें किले की उस दिशा से अंदर प्रवेश करने के लिए कुल तीन प्रयास किए जिनमें से दो विफल रहे | उसके बाद तीसरे प्रयास में उन्हें सफलता मिल गयी | उन्होंने “घोरपड़” की मदद से खड़ी चट्टान की चढ़ाई की | घोरपड़ एक प्रकार की छिद्रित मोनिटर छिपकली ( monitor lizard )होती है | रस्सी की सहाय से उसे दीवार पर चिपका कर खड़ी चढ़ाई संभव होती है | उस छिपकली का नाम “यशवंती” रखा गया था | तानाजी नें इसी युक्ति के बल पर किले में प्रवेश किया | हालांकि सभी इतिहासकार इस बात को लेकर एकमत नहीं हैं|

तानाजी का दिलेर युद्ध कौशल

युद्ध में तानाजी की ढाल टूट गई | तब उन्होंने अपना सिर का फेटा (पगड़ी को) खोल लिया | और उसे अपने दूसरे हाथ में लपेट लिया ताकि उसे ढाल की तरह इस्तमाल कर सकें | उसके बाद उन्होंने एक हाथ से तीव्र गति से तलवार चलाई और दूसरे हाथ पर शत्रु की तलवार के घाव लिए |

किल्लेदार उदयभान राठौड़

उदयभान धर्म से हिन्दू था | लेकिन निजी लाभ और स्वार्थ के लिए मुघलों से जा मिला था और सत्ता पाने के लालच में धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बन गया था|  उस समय कोंढ़ाणा किला उदयभान के नियंत्रण में था | उसको मुग़ल जनरल जय सिंह प्रथम द्वारा इस पद पर नियुक्त किया गया था |

कोंढाणा युद्ध का संक्षिप्त वृतांत  ( How Tanaji Malusare Died ?)

मराठा सेना के किले में घुसते ही मुग़ल सेना में अफरातफरी का माहौल छा गया | देखते ही देखते अँधेरी रात में सिंह गढ़ किला युद्ध का मैदान बन गया | तानाजी के वीर लड़ाके 5000 मुघलों की सेना पर काल बन कर टूट पड़े | कोंढ़ाणा युद्ध में तानाजी मालुसरे और उदयभान राठौड़ के बीच घोर संग्राम हुआ | इस लड़ाई में मुग़ल सुभेदार उदयभान तानाजी पर धोखे से वार करता है | इस लड़ाई में तानाजी गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं और फिर उनकी मृत्यु हो जाती है | तब उनके शेलार मामा उदयभान को मौत के घाट उतार कर, तानाजी की मौत का बदला लेते हैं |

सूर्याजी मालसुरे का आक्रमण

सूर्याजी मालसुरे तानाजी के छोटे भाई थे | उन्होंने कोंढाणा (सिंह गढ़) की लड़ाई में 500 सैनिकों के साथ कल्याण द्वार से मोरचा संभाला | उन्होंने बड़ी वीरता से मुघलों को खदेड़ दिया और किले पर विजय का ध्वज लहराया |

तानाजी की मृत्यु पर शिवाजी महाराज की मनोदशा

बचपन के मित्र और अपनी सेना के बहादुर सुभेदार को खो देने पर शिवाजी शोकमग्न हो गए | उन्होंने भावुक हो कर यह वचन कहे…

“गढ़ आला पण सिंह गेला”

“गढ़ तो जीत लिया पर मेरा सिंह नहीं रहा”

कोंढ़ाणा (सिंह गढ़) किले का इतिहास

यह एक प्राचीन पहाड़ी किला  है | पूर्व समय में यह किला कोंढ़ाणा के नाम से जाना जाता था | सिंहगढ़ का यह एतिहासिक किला महाराष्ट्र राज्य में पुणे शहर से 30 किलोमीटर दूर दक्षिण पश्चिम में स्थित है | इसे करीब 2000 वर्ष पहले निर्मित किया गया था |


सिंह गढ़ किले का एतिहासिक घटना क्रम

ईस्वी 1328 में दिल्ली राज्य के सम्राट “मुहम्मद बिन तुगलक” ने कोली आदिवासी सरदार नाग नायक से किले पर कब्जा कर लिया |

शिवाजी के पिता संभाजी भोसले इब्राहीम आदिल शाह प्रथम के सेनापति थे | उनके हाथ में पुणे का नियंत्रण था | स्वराज्य स्थापना हेतु उन्होंने आदिल शाह के सुभेदार सिद्दी अम्बर को परास्त किया और कोंढ़ाणा (अब सिंह गढ़) किला जीत लिया |

इसवी 1647 में छत्रपति शिवाजी ने किले का नाम सिंह गढ़ किया |

इसवी 1649 में शाहजी महाराज को आदिल शाह की कैद से आज़ाद कराने के लिए सिंह गढ़ किला छोड़ना पड़ा |

इसवी 1670 में शाहजी और शिवाजी महाराज नें मिल कर सिंह गढ़ किला फिर से अर्जित कर लिया |

संभाजी महाराज की मृत्यु के बाद, एक बार फिर मुग़लों नें यह किला फ़तेह किया |

इसवी 1693 में मराठों नें “सरदार बलकवडे” के कुशल नेतृत्व की वजह से सिंह गढ़ किले को जित लिया |

इसवी 1703 में औरंगजेब नें यह किला जीता | करीब तीन वर्ष बाद, संगोला, पतांजी शिवदेव और विसाजी चापरा की कुशल युद्धनिति के कारण मराठों नें यह किला जित लिया |

इसवी 1818 तक इस किले पर मराठा साम्राज्य का आधिपत्य रहा | उसके बाद अंग्रेजों नें यह किला जित लिया | उन्हें यह कठिन कार्य अंजाम देने के लिए करी 90 दिन लगे |

Interesting Story Of Tanaji Malusare and Shivaji Maharaj


तानाजी मालुसरे और शिवाजी महराज से जुड़ी प्रचलित कहानी

उन दिनों मुग़ल सेना शिवाजी महाराज की खोज में लगी थी | इस लिए शिवाजी वेश बदल कर रहते थे | कुछ समय बाद विचरण करते हुए वह एक गरीब ब्राह्मण के घर पहुंचे | यह व्यक्ति अपनी माता के साथ रहता था | और भिक्षा मांग कर अपना घर चलाता था | खुद की आर्थिक स्थिति दयनीय होने के बावजूद उसने यथाशक्ति शिवाजी महाराज का आदर सत्कार किया |

एक दिन सुबह विनायक (ब्राह्मण) भिक्षा मांगने घर से निकले | दुर्भाग्यवश उस दिन उन्हें बहुत कम अन्न प्राप्त हुआ | तब घर जा कर उन्होंने भोजन बनाया और अपनी माता और शिवाजी को खिला दिया | उस रात वह खुद भूखा ही सो गया |

अपने आतीथेय की इस दरियादिली को देख कर शिवाजी भावुक हो गए | उन्होंने विनायक की दरिद्रता दूर करने का निश्चय किया | इसी प्रयोजन से उन्होंने वहां के एक मुग़ल सरदार को पत्र भिजवाया |

पत्र में लिखा था कि शिवाजी महाराज इस दिन ब्राह्मण के घर पर रुके हैं | इस महत्वपूर्ण  सूचना के बदले इस गरीब ब्राह्मण को 2 हज़ार अशर्फियाँ दे दें | पत्र मिलते ही मुग़ल सुभेदार पूरी बात समझ गया | चूँकि वह शिवाजी महाराज की इमानदारी और बडप्पन से भलीभांति परिचित था |

सूचना मिलते ही उसने गरीब ब्राह्मण को पुरस्कार दे दिया और शिवाजी महाराज को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया | इस प्रसंग के बाद तानाजी के माध्यम से विनायक (ब्राह्मण) को यह पता चला की उनके घर स्वयं छत्रपति शिवाजी महराज ठहरे थे |

उनके घर आश्रय लेने की वजह से शिवाजी मुग़ल सेना के हाथ लगे, इस भ्रम के कारण ब्राह्मण छाती पीट-पीट कर विलाप करने लगा | तभी तानाजी नें उसे सांत्वना दी और मार्ग में ही मुग़ल सुभेदार की टुकड़ी से संघर्ष कर के शिवाजी महाराज को मुक्त करा लिया |

तानाजी और सिंह गढ़ किले से जुड़े तथ्य  / Interesting Facts Related to Tanaji Malusare in Hindi

तानाजी मालसुरे के बलिदान को ध्यान में रखते हुए शिवाजी महाराज नें कोंढाणा किले को सिंहाडा (सिंह गढ़) नाम दिया |

प्रचंड पराक्रम और अतुल्य साहस के लिए तानाजी मालसुरे की मूर्ति सिंह गढ़ किले में स्थापित की गयी है |

यह ऐतिहासिक किला पुणे का लोकप्रिय पर्यटन स्थल बना |

पुणे शहर के “वाकडेवाडी” नामक भाग का नाम बदल कर “नरबीर तानाजी वाडी” कर दिया गया | इसके अलावा पुणे में तानाजी के अनेकों स्मारक बनाए गए |

सिंह गढ़ किला राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी, खडकवासला में प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी कार्यरत हुआ |

मध्यकालीन युग में तुलसीदास नाम के प्रसिद्ध कवि ने तानाजी मालसुरे की वीरता और बहादुरी को बताती कविता “पोवाडा” की रचना की |

वीर सावरकर नें तानाजी के जीवन पर एक गीत लिखा जिसका नाम “बाजी प्रभु” था | ब्रिटिश सरकार नें इस रचना पर प्रतिबंध लगाया | फिर 24 मई, 1946 में उन्होंने यह प्रतिबंध हटा लिया |

इस गौरव गाथा से प्रेरित हो कर Tanaji – The Unsung Warrior नाम की फिल्म बनी है| जिसमें अजय देवगन, सैफ अली खान और काजोल जैसे मंजे हुए कलाकार नें अभिनय किया |

तानाजी के जीवन पर एक पुस्तक लिखि गयी | इस Book को “गढ़ आला पण सिंह गेला” नाम दिया गया |

निष्कर्ष – आज हम तानाजी मालसुरे की बात कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने निज सुख, स्वार्थ, भोग विलास को परे रख कर राष्ट्रभक्ति, मित्रता और कर्तव्यपरायणता का पालन किया | मातृभूमि की अनन्य सेवा करने वाले इस वीर योद्धा को हमारा शत-शत नमन |

Did you like the  Tanaji Malusare Biography and Life History in Hindi?  तानाजी मालूसरे  की  जीवनी और इतिहास आपको कैसा लगा ?

बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जीवन के रोचक तथ्य

बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर का जीवन संघर्ष और सफलता की ऐसी अद्भुत मिसाल है जो शायद ही कहीं और देखने को मिले. Indian Caste System की बुराइयों के बीच जन्मे बाबासाहेब ने बचपन से ही उपेक्षा और असमानता का आघात झेला। कोई आम आदमी इन आघातों से कमजोर पड़ जाता पर बाबासाहेब तो कुछ अलग ही मिटटी के बने थे; इन आघातों ने उन्हें वज्र सा मजबूत बना दिया और अपनी असीम इच्छाशक्ति और मेहनत के बल पर उन्होंने एक आधुनिक भारत के निर्माण में बहुत बड़ा योगदान दिया।

Is Site पर हम पहले ही उनके अनमोल विचार और उनकी प्रेरणादायी जीवनी share कर चुके हैं। और आज हम आपको उनसे सम्बंधित कुछ ऐसी बातें share कर रहे हैं जो शायद आपने पहले नहीं सुनी होंगी। तो आइये देखते हैं इन्हें-

Dr. B.R Ambedkar Interesting Facts in Hindi

बाबासाहेब बी आर अम्बेडकर के बारे में कुछ रोचक तथ्य

Fact 1: भीमराव अंबेडकर अपने माता-पिता की चौदहवीं और आखिरी संतान थे।

Fact 2: डॉ. अंबेडकर के पूर्वज काफी समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कम्पनी में एम्प्लोयेड थे और उनके पिता ब्रिटिश इंडियन आर्मी में Mhow cantonment में तैनात थे।

Fact 3: डॉ. अम्बेडकर का मूल या ओरिजिनल नाम था अम्बावाडेकर था। लेकिन उनके शिक्षक, महादेव अम्बेडकर, जो उन्हें बहुत मानते थे, ने स्कूल रिकार्ड्स में उनका नाम अम्बावाडेकर से अम्बेडकर कर दिया।

Fact 4: बाबासाहेब मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में दो साल तक प्रिंसिपल पद पर कार्यरत रहे।

Fact 5: डॉ. बी. आर अम्बेडकर भारतीय संविधान की धारा 370, जो जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देता है के खिलाफ थे।

Fact 6: बाबासाहेब अम्बेडकर विदेश जाकर अर्थशास्त्र डॉक्टरेट की डिग्री हासिल करने वाले पहले भारतीय थे।

Fact 7: डॉ. अम्बेडकर बाद के सालों में डायबिटीज से बुरी तरह ग्रस्त थे।

Fact 8: डॉ. अम्बेडकर ही एक मात्र भारतीय हैं जिनकी portrait लन्दन संग्रहालय में कार्ल मार्क्स के साथ लगी हुई है।

Fact 9: इंडियन फ्लैग में अशोक चक्र को जगह देने का श्रेय भी डॉ. अम्बेडकर को जाता है।

Fact 10: B R Ambedkar Labor Member of the Viceroy’s Executive Council के सदस्य थे और उन्ही की वजह से फैक्ट्रियों में कम से कम 12-14 घंटे काम करने का नियम बदल कर सिर्फ 8 घंटे कर दिया गया था।

Fact 11: वो बाबासाहेब ही थे जिन्होंने महिला श्रमिकों के लिए सहायक Maternity Benefit for women Labor, Women Labor welfare fund, Women and Child, Labor Protection Act जैसे कानून बनाए।

Fact 12: Economics का Nobel Prize जीत चुके अर्थशास्त्री प्रो. अमर्त्य सेन डॉ. बी आर अम्बेडकर को अर्थशाश्त्र में अपना पिता मानते हैं।

Fact 13: बेहतर विकास के लिए 50 के दशक में ही बाबासाहेब ने मध्य प्रदेश और बिहार के विभाजन का प्रस्ताव रखा था, पर सन 2000 में जाकर ही इनका विभाजन कर छत्तीसगढ़ और झारखण्ड का गठन किया गया।

Fact 14: बाबासाहेब को किताबें पढने का बड़ा शौक था. माना जाता है कि उनकी पर्सनल लाइब्रेरी दुनिया की सबसे बड़ी व्यक्तिगत लाइब्रेरी थी, जिसमे 50 हज़ार से अधिक पुस्तकें थीं.

Fact 15: डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की दो शादियाँ हुईं थीं, पहली 9 वर्षीय बालिका रामाबाई के साथ तब बाबा साहेब 15 वर्ष के थे और दूसरी रामाबाई की मृत्यु के बाद हेल्थ इसूज की वजह से सत्तावन साल की उम्र में डॉ. शारदा कबीर से

दुनिया के अजब-गजब 50 रोचक तथ्य । Best Facts In Hindi


नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का हमारे एक नए पोस्ट में फिर से इसमें हम दुनिया के बहुत ही रोचक तथ्य की जानकारी देने वाले हैं चलिए शुरू करते हैं रोचक तथ्य के इस पोस्ट को ।

50 रोचक तथ्य

1. गूगल को बनाने वाले लोगों को शुरू में जावास्क्रिप्ट का ज्ञान नहीं था इस कारण गूगल का होम पेज बिल्कुल ही सिंपल है।

2. वेटिकनसिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है इसका क्षेत्रफल 0.2 वर्ग मील है और इसकी आबादी लगभग 770 है. इनमें से कोई भी इसका परमानेंट नागरिक नही है.

3.  नील आर्मस्ट्राँग ने सबसे पहले अपना बाँया पैर चँद्रमा पर रखा था और उस समय उनके दिल की धड़कन 156 बार प्रति मिनट थी.

4. धरती के गुरूत्वाकर्षण के कारण पर्वतों का 15,000 मीटर से ऊँचा होना संभव नही है.

5. रोम दुनिया का वो शहर है जिसकी आबादी ने सबसे पहले 10 लाख का आकड़ा पार किया था.

6. 1992 के क्रिकेट विश्वकप में इंग्लैंड को हराते हुए जिम्बाब्वे ने बड़ा उल्टफेर कर दिया था. पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने सिर्फ 134 रन बनाए और इंग्लैंड का काम आसान कर दिया लेकिन हुआ ऐसा नही, इंग्लैंड की टीम 125 रन पर ही ढेर हो गई.

7. 269 मीटर की ऊँचाई वाले टाइटैनिक को अगर सीधा खड़ा कर दिया जाए तो यह अपने समय की हर इमारत से ऊँचा होता.

8. टाइटैनिक की चिमनिया इतनी बड़ी थी कि इनमें से दो ट्रेने गुजर सकती थीं.

9. सिगरेट लाइटर की खोज माचिस से पहले हुई थी.

10. हमारे ऊँगलीयों के निशानों की तरह हमारी जुबान के भी निशान भिन्न होते है.

11. सपने में आने वाले हर एक face को हमने एक बार जरूर देखा होता है.

12. औसतन हर दिन 12 नव-जन्में बच्चे किसी ओर मां-बाप को दे दिए जाते हैं.

13. आईसलैंड में पालतू कुत्ता रखना क़ानून के विरूद्ध है.
14. Righted-handed लोग औसतन left-handed लोगों से 9 साल ज्यादा जीते हैं।

15. हद एकलौता ऐसा खाद्य पदार्थ है जो कि हजारों सालों तक खराब नही होता. Egypt के पिरामिडों में फैरो बादशाह की क्रब में पाया गया शहद जब खोजी वैज्ञानिकों द्वारा चखा गया तब भी वह उतना ही स्वादिष्ट था. बस उसे थोड़ा गरम करने की जरूरत थी.

16. एक औसतन लैड की पेंसिल से अगर एक लाइन खींची जाए तो वह 35 किलोमीटर लंम्बी होगी जिससे 50,000 अंग्रेजी शब्द लिखें जा सकते है.

17. एक समुद्री केकड़े का दिल उसके सिर में होता है.
18. Apple company के फाउंडर स्‍टीव जॉब्‍स की कार पर कभी भी नंबर प्‍लेट नहीं लगी.

19. ऑस्ट्रेलिया में हर साल लोग साँपों से ज्यादा मधु मक्खियों द्वारा काटे जाने से मारे जाते है.

20. कुछ कीड़े भोजन ना मिलने पर खुद को ही खा जाते हैं.

21. जब आप झूठ बोलते है आपकी नाक गर्म हो जाती है. 

22. तितलियाँ किसी वस्तु का स्वाद अपने पैरों से चखती है.

23. 1386 ईसवी में फ्रांस में लोगो द्वारा एक सुअर को एक बच्चे के क़त्ल के दोष में फाँसी पर लटका दिया गया था.

24. मानव गर्भनिरोधक गोलियां गोरिल्ला पर भी काम करती है.

25. एक गिलहरी की उम्र 9 साल तक होती है.

Best Interesting Facts in Hindi

26. छिपकली का दिल 1 मिनट में 1000 बार धड़कता है.

27. अगर एक बिच्छू पर थोड़ी सी मात्रा में भी शराब या रस डाल दिया जाए तो यह पागल हो जाएगा और खुद को डंक मार लेगा।

28. एक औसत मनुषय के लिए अपनी ही कुहनी चाट पाना असंभव है.

29.जो लोग ऊपर वाला तथ्य पढ़ रहे है उन में से 75 % से ज्यादा लोग अपनी कुहनी चाटने की कोशिश  करेंगे.

30. अगर आप जोर से छींकें तो आप अपनी पसली तुड़वा सकते हैं.

31. अमेरिका में सैकड़ों लोगों का नाम ABCDE है.

32. सिर्फ एक घंटा हेडफोन लगाने से हमारे कानो में जीवाणुयों की तादाद 700 गुना बढ़ जाती है.

33. पूरे जीवन काल के दौरान नीद में आप भिन्न-भिन्न तरह के 70 कीट खा जाते हैं.

34. आपका दिल एक दिन में लगभग 100,000 बार धडकता है.

35.आप के शरीर की लगभग 25 फीसदी हड़डियाँ आप के पैरों में होती हैं.

36. उँगलियों के नाखुन पैरों के नाखुनों से 4 गुना ज्यादा तेजी से बढ़ते हैं.

37. आप 300 हड्डियों के साथ जन्म लेते हैं, पर 18 साल तक होतो-होते आप की हड्डियाँ जुड़ कर 206 रह जाती हैं.

38. एक औसतन इंसान दिन में 10 बार हंसता है.

39. दुनिया के अधिकतर serial killer November महीने में पैदा हुए हैं.

40. “Rhythm”( रिदम) vowel के बिना इंग्लिश का सबसे बड़ा शब्द है.

41.‘TYPEWRITER’ सबसे लंम्बा शब्द है जो कि keyboard पर एक ही लाइन पर टाइप होता है.

42. ‘Uncopyrightable’ एकलौता 15 अक्षरो वाला शब्द है जिसमे कोई भी अक्षर दुबारा नही आता.

43. एक व्यक्ति बिना खाने के एक महीना रह सकता है पर बिना पानी के सिर्फ 7 दिन.

44. इंग्लिश के शब्द ‘therein’ से दस सार्थक शब्द निकाले जा सकते है –

the,
there,
he,
in,
rein(लगाम),
her,
here,
ere(शीघ्र),
therein,और
herein(इसमे).

45. Albert Einstein के अनुसार हम रात को आकाश में लाखों तारे देखते है उस जगह नही होते ब्लकि कही और होते है. हमें तों उनके द्वारा छोडा गया कई लाख प्रकाश साल पहले का प्रकाश होता है.

46. ज्यादातर विज्ञापनो में घड़ी पर 10 बज कर 10 मिनट का समय दिखाया जाया जाता है.

47. पुरूषों की shirts के बटन right side पर जबकि औरतो left side के पर होते हैं।

48. चमगादड़ गुफा से निकलते समय हमेशा बाएँ हाथ मुड़ते हैं।

49. लगभग 100 चमगादड़ मिल के एक साल में 25 गाय का खून पी जाते हैं ।

50. महिलाएं हर रोज औसतन 20,000 शब्द बोलती  हैं, जो पुरुषों के औसत से एक हज़ार-दो हज़ार नहीं 13000 शब्द ज्यादा है.